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जतिंदर बैंस
प्रकाशन: रोज़ाना ख़बर – फ़िल्मी विशेषांक
“साफ़ दिल, देसी गबरू अंदाज़ और बेमिसाल अदाकारी – यही है धर्मेन्द्र की असली पहचान।”
🏡 बचपन — मिट्टी की खुशबू और सपनों की उड़ान
धर्मेन्द्र सिंह देओल का जन्म 8 दिसम्बर 1935 को पंजाब के लुधियाना ज़िले के नसराली गाँव में हुआ। उनके पिता केवल कृष्ण देओल गाँव के स्कूल में हेडमास्टर थे और माँ सतवंत कौर एक गृहिणी थीं। बचपन साहनेवाल गाँव में बीता, जहाँ से धर्मेन्द्र ने सादगी, मेहनत और मिट्टी की खुशबू को अपने जीवन का हिस्सा बनाया। 1952 में उन्होंने रामगढ़िया कॉलेज, फगवाड़ा से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। लेकिन उनके दिल में एक सपना पल रहा था। फिल्मों की दुनिया में नाम कमाने का।
🎬 मुंबई की राह — जब जुनून ने दरवाज़े खोले
1958 में धर्मेन्द्र ने ‘फ़िल्मफ़ेयर’ मैगज़ीन के टैलेंट हंट प्रतियोगिता में भाग लिया और इसे जीत लिया। यही जीत उनके लिए बॉलीवुड के दरवाज़े खोलने वाली चाबी साबित हुई। 1960 में उन्होंने अपनी पहली फ़िल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से डेब्यू किया। शुरुआती वर्षों में धर्मेन्द्र ने रोमांटिक और संवेदनशील किरदार निभाए, जिनसे दर्शकों ने उन्हें खूब सराहा।
🌹 ‘फूल और पत्थर’ — जहाँ पहचान बनी सुपरस्टार की
1966 में आई फ़िल्म ‘फूल और पत्थर’ धर्मेन्द्र के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। इस फ़िल्म के बाद उन्हें बेस्ट एक्टर के लिए पहली बार फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड के लिए नामांकित किया गया।
यहाँ से धर्मेन्द्र का करियर ऊँचाइयों पर पहुँच गया और उन्हें बॉलीवुड का “एक्शन हीरो” कहा जाने लगा।
💪 ही-मैन का दौर
1970 और 1980 के दशक धर्मेन्द्र के नाम रहे।
उनकी फ़िल्में —
‘शोले’, ‘चुपके चुपके’, ‘यादों की बारात’, ‘सत्यमेव जयते’, ‘दो चोर’, ‘पथ्थर और पायल’, ‘आज़ाद’
हर शैली में उनकी versatility का सबूत हैं।
उनकी दमदार काया, मर्दाना अंदाज़ और संवाद अदायगी ने उन्हें बना दिया “ही-मैन ऑफ बॉलीवुड”
उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री हेमा मालिनी के साथ तो इतिहास बन गई — यह जोड़ी दर्शकों की सबसे पसंदीदा जोड़ी बन गई।
“हेमा और धर्मेन्द्र की जोड़ी ने परदे पर प्यार को अमर बना दिया।”
💖 प्रेम और परिवार की कहानी
1954 में, जब धर्मेन्द्र सिर्फ़ 19 साल के थे, उन्होंने प्रकाश कौर से विवाह किया। इस विवाह से उनके चार बच्चे हुए। दो बेटे सनी देओल और बॉबी देओल, तथा दो बेटियाँ विजेता और अजीता। बाद में 1980 में उन्होंने बॉलीवुड की “ड्रीम गर्लहेमा मालिनी से विवाह किया। इस रिश्ते से उनकी दो बेटियाँ हुईं — ईशा देओल और अहाना देओल
आज देओल परिवार बॉलीवुड के सबसे सम्मानित और लोकप्रिय परिवारों में गिना जाता है।
🏆 सम्मान और उपलब्धियाँ
धर्मेन्द्र को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए कई बड़े सम्मान मिले —
🏅 फ़िल्मफ़ेयर लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड (1997)
🇮🇳 पद्म भूषण (2012) — भारत का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान
60 से अधिक वर्षों के फ़िल्मी सफ़र में उन्होंने 300 से अधिक फ़िल्मों में अभिनय किया। उनकी अदाकारी ने हिंदी सिनेमा को एक नया चेहरा दिया।
🏛️ राजनीति की पारी
धर्मेन्द्र ने सिर्फ़ सिनेमा तक खुद को सीमित नहीं रखा।
2004 से 2009 तक वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से राजस्थान के बीकानेर संसदीय क्षेत्र से सांसद रहे।
हालाँकि उनका राजनीतिक करियर छोटा रहा, लेकिन लोकप्रियता हमेशा आसमान पर रही।
🏥 हाल की स्थिति और फैंस की दुआएँ
हाल ही में धर्मेन्द्र को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के चलते मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उनकी तबीयत को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहें फैल गईं, लेकिन पत्नी हेमा मालिनी ने स्पष्ट किया “धर्म जी की हालत स्थिर है। कृपया ऐसी झूठी खबरों पर ध्यान न दें।” पंजाब से लेकर मुंबई तक, फैंस उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
🌈 पंजाब का गौरव, सिनेमा की शान
धर्मेन्द्र की कहानी केवल एक अभिनेता की नहीं यह प्रेरणा की कहानी है। एक साधारण गाँव का नौजवान जिसने अपने सपनों को साकार किया और दुनिया को दिखाया कि मेहनत और लगन से सब मुमकिन है।
आज भी धर्मेन्द्र का नाम सुनते ही लोगों के चेहरों पर मुस्कान और आँखों में चमक आ जाती है। वे सिर्फ़ एक स्टार नहीं, बल्कि लाखों दिलों की धड़कन हैं।


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